हजारों रंग के, नजारे बन गए सवेरा जब हुआ तो, फूल बन गए जो रात आई तो, सितारे बन गए लिखे जो खत तुझे... कोई नगमा कहीं गूंजा, कहाँ दिल ने ये तू आयी कहाँ चटकी कली कोई, मैं ये समझा तू शर्मायी कोई खुशबू कहीं बिखरी, लगा ये ज़ुल्फ़ लहराई .....
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